Science और education

पहली बात तो ये है कि जिन्हें लगता है कि कुछ भी बदला नहीं जा सकता वो इस पोस्ट को न पढ़ें क्योंकि हो सकता है कि मेरी बातें आपकी खोपड़ी में न घुसें |
मैं फिर कह रहा हूँ केवल वे ही लोग इस पोस्ट को पढ़ें जिन्हें लगता है कि हाँ यदि सही दिशा में प्रयास किया जाए तो चीजें बदली जा सकती हैं |
 
यहाँ मैं बात करा रह हूँ Science और education की क्योंकि यही वो चीजें हैं जो हमारे देश में गड़बड़ हैं अगर ये ठीक हो गया तो बाकी सब अपने आप ठीक हो जाएगा | अगर आपको लगता है सब ठीक है तो अब आगे मत पढो | यदि नहीं तो पढ़िए |
 
इन चीजों को ठीक करने के लिए कोई कुछ भी नहीं कर रहा है हाँ एक काम बहुत अच्छे से किया जा रहा है वो है हवा में बातें करना | ऐसे लोग काफी फेमस भी हो जाते हैं क्योंकि बातें करना आसन है बस भारत देश के ऊपर देशभक्ति की कुछ बातें सुना दो | विज्ञान के नाम पर वैदिक काल की कथा सुना दो बस हो गए विद्वान और मेरी मानिये तो ऐसी बातें करने वाले कभी देशभक्त नहीं हो सकते और इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि बोर्डर पर 1 मरे कि 1000 | मैं इन्हें नंबर एक के मक्कार, चालाक और मूर्ख कहता हूँ |
 
खुद सोचिए क्या कारण है कि हमारे देश में कोई ढंग की वैज्ञानिक खोज नहीं होती ? नहीं पता तो मैं बताता हूँ क्योंकि हमारे समाज ने ऐसे लोगों को लात मार के बेवकूफ साबित कर कर दिया है और उनमें से एक मैं भी हूँ और ऐसे लोगों से मैं कहता हूँ कि मैंने अभी हार नहीं मानी है और न ही मानूंगा क्योंकि तुम जैसों में इतनी ताकत नहीं कि हम जैसें को हरा सको | इंजीनियरिंग के नाम पर बस कोलेज ही कालेज हैं क्योंकि इसमें कमाई अच्छी होती है और पढाई शून्य |
 
Education के नाम पर हमारे स्कूलों/कोलेजों में रटंति विद्या चल रही है जब बच्चा स्कूल जाता है तो उसका दिमाग काफी खुला हुआ होता है वो चीजों को खूबसूरती से महसूस कर सकता है लेकिन स्कूलों में उसके माइंड में कचरा भर भर के उसकी जिन्दगी की धज्जियां उड़ा देते हैं और जब उसे पता चलता है कि कुछ गड़बड़ हुई है तब तक देर हो चुकी होती है | अब उसके पास कोई और चारा नहीं रहा जाता सिवाय इस सिस्टम का हिस्सा बनाने के क्योंकि जिन्दगी से ज्यादा Marks महत्वपूर्ण हो जाते हैं |
 
अगर आपको लगता है कि ऊपर की सभी बातें सही हैं तो फिर कुछ करते क्यों नहीं ?
आप कहेंगे कि साथ देने वाला कोई नहीं है | तो हम एक दूसरे का साथ दे सकते हैं वो कैसे ?
तो ये है असली प्लान –
मेरा मकसद ये है कि मैं एक ऐसा विद्यालय खोलना चाहता हूँ जहां एजूकेशन एकदम free हो और उस विद्यालय से निकलने वाला हर एक विद्यार्थी अपने क्षेत्र में इतना परफेक्ट हो कि दुनिया में उसके मुकाबले कोई शायद ही हो और ये लोग बदलेंगे हमारे देश की तस्वीर | पर ये होगा कैसे ?
तो मैं एक science और Education की पत्रिका Launch करना चाहता हूँ जिसके लिए मुझे लेख लिखने के लिए राइटर्स की आवश्यकता पड़ेगी उसके बाद इस पत्रिका से जितनी भी इनकम होगी उसे इस ऐतिहासिक विद्यालय बनाने और चलाने में लगाया जाएगा | और इसके दो फायदे होंगे कि एक तो ऐतिहासिक विद्यालय बनेगा ही साथ ही साथ मेरे आपके जैसे कई और लोग उठ खड़े होंगे और इस सफ़र में हमारे साथ होंगे |
 
और यकीन मानिए चीजें बदल जाएँगी | दुनिया फिर से ख़ूबसूरत होगी |
 
और सबसे मुख्य बात ये है कि मैं हवा में बातें नहीं करता और जो करना चाहता हूँ उसे करके रहता हूँ चाहे कोई साथ दे या न दे |
फिर भी मैं आपसे मदद मांग रहा हूँ कि शायद ये काम जल्दी किया जा सकता है और यदि आप मेरा साथ नहीं देते तो कुछ ही वर्षों में मैं अकेले ही ये काम करके दिखा दूंगा |
जो लोग इस प्रयास में मेरे साथ होना चाहें वे मुझे मैसेज कर अपना phone no. भेजें ताकि मैं आपको अपने Whatsapp group में add कर सकूं |
जितना हो सके इस पोस्ट को शेयर करें Like करें क्योंकि बदलाव तो अब होकर रहेगा |

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

  • MIGDREEM.COM